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सूर्य: लोकहिताय तपति

अपना परिवार, नया एहसास टीम ट्रस्ट की नियमावली

अपना परिवार, नया एहसास टीम ट्रस्ट की स्थापना 20 जुलाई 2026 ई० को समाज के उच्च पदस्थ से लेकर अंतिम व्यक्ति तक तीव्र आर्थिक/शैक्षणिक/न्यायिक/सामाजिक राहत पहुंचाने के लिए हुई है। व्यवसाय-पेशा की भावना से ऊपर उठकर यह ट्रस्ट आपसी सहयोग से आर्थिक मदद कराता है।

सदस्यता हेतु पात्र श्रेणियां

सरकारी/संविदा/आउटसोर्सिंग कर्मचारी एवं अधिकारी
बेसिक/माध्यमिक/उच्च/तकनीकी शिक्षा के सरकारी शिक्षक व कर्मचारी
वित्तविहीन विद्यालय/कॉलेज/मदरसा के शिक्षक व प्रबंधक
प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारी, डॉक्टर, इंजीनियर, नर्स, एडवोकेट, मीडियाकर्मी
किसान, मजदूर, व्यवसायी, कारीगर व गृहिणी
छात्र एवं छात्राएं
निवास स्थान

भारत का स्थाई निवासी होना अनिवार्य है.

उम्र सीमा

प्रवेश आयु: 18 से 60 वर्ष। सदस्य बनने के बाद 65 वर्ष तक अनुमति।

वार्षिक योगदान

वार्षिक 50 रुपये का दान ट्रस्ट को देना अनिवार्य है।

सदस्य आश्रित योजना

1

आज दिनांक 20 जुलाई 2026 से APNE में सदस्यता प्राप्त करने की उम्र सीमा न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 60 वर्ष किया जा रहा है, जबकि एक बार सदस्य बन जाने के उपरांत 65 वर्ष उम्र तक सदस्यता बनाए रखने की अनुमति दी जा रही है। सदस्यों की 65 वर्ष उम्र पूरा होते ही स्वतः सदस्यता समाप्त हो जाएगी। सदस्यता बनाए रखने के लिए अधिकतम उम्र सीमा 65 वर्ष समस्त सदस्यों के लिए है।

2

हर वर्ष ट्रस्ट को 50 रुपए वार्षिक दान देने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। अर्थात APNE की वैधानिक सदस्यता बनाए रखने के लिए ट्रस्ट को वार्षिक दान दिए हुए 1 वर्ष पूरे होने के बाद 15 दिन के अंदर वार्षिक दान देकर अपने प्रोफाइल में ट्रांजैक्शन स्क्रीनशॉट अपलोड करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय सीमा में वार्षिक दान जमा नहीं करने वाले सदस्य की सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाएगी एवं समस्त योजनाओं में अपात्र कर दिया जाएगा।

3

सूचनाओं के आदान-प्रदान हेतु आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप/टेलीग्राम ग्रुप में जुड़ कर सूचनाओं से अपडेट रहना होगा। सूचना के अभाव में यदि आपकी वैधानिकता पर कोई प्रभाव पड़ा तो उसके जिम्मेदार आप स्वयं होंगे।

4

यदि APNE के किसी वैधानिक सदस्य का असामयिक दुखद निधन हो जाता है तो APNE से जुड़े शेष अन्य सभी सदस्य संस्थापक मंडल द्वारा नियमानुसार आधिकारिक आह्वान पर निर्धारित न्यूनतम धनराशि दिवंगत सदस्य के नॉमिनी के बैंक खाते में आर्थिक सहयोग भेजेंगे। आर्थिक सहयोग भेजकर वेबसाइट पर ट्रांजैक्शन डिटेल्स भरते हुए ट्रांजैक्शन रसीद अपलोड करना भी अनिवार्य है। वेबसाइट पर अपलोड रसीद की जांच आवेदन उपरांत की जाएगी। वर्तमान में आर्थिक सहयोग प्रति सदस्य न्यूनतम 50 रुपए निर्धारित किया जा रहा है। सदस्य संख्या के अनुसार प्रति सदस्य न्यूनतम धनराशि घटाने/बढ़ाने का अधिकार संस्थापक मंडल के पास सुरक्षित रहेगा।

5

समस्त सदस्यों की लॉक-इन पीरियड (lock in period) 12 माह रहेगा। लॉक-इन पीरियड में जारी समस्त सहयोग करना अनिवार्य है। लॉक-इन पीरियड 12 माह से तात्पर्य है कि यदि कोई सदस्य 1 जनवरी को नियमानुसार रजिस्ट्रेशन किया, यदि उसी वर्ष उसकी मृत्यु 31 दिसंबर की रात 12 बजे से पूर्व तक हो जाती है तो उसके नॉमिनी को सहयोग प्राप्त नहीं होगा।

6

वैधानिक सदस्यता के लिए लॉक-इन पीरियड तक के समस्त सहयोग करना अनिवार्य है एवं लॉक-इन पीरियड के बाद कुल 90% सहयोग करना अनिवार्य है। सदस्यता से लेकर मृत्यु तिथि तक 2 वर्ष से अधिक समयांतराल की स्थिति में मृत्यु की तिथि से 2 वर्ष पूर्व के बीच हुए कुल सहयोग का 90% सहयोग होना चाहिए।

7

APNE द्वारा सदस्यों की सुविधा हेतु हेल्पलाइन नंबर 9759295959 जारी किया गया है, जिस पर कॉल/व्हाट्सएप मैसेज के माध्यम से जानकारी का आदान-प्रदान किया जा सकता है एवं तकनीकी सहायता प्राप्त किया जा सकता है।

8

संस्थापक मंडल वैधानिकता या किसी भी प्रकार के मामलों में जहां उचित समझेंगे अपने स्तर से परीक्षण करने व निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होंगे। कोई भी सदस्य/नॉमिनी आर्थिक सहयोग प्राप्त करने हेतु कानूनी दावा नहीं कर सकेगा, बल्कि टीम द्वारा वैधानिकता के संबंध में लिए गए निर्णय के आधार पर नैतिक रूप से आर्थिक सहयोग कराने का प्रयास किया जाएगा।

9

सहयोग के दौरान या उसके बाद यदि किसी सदस्य द्वारा गलती से अधिक राशि किसी सहयोग हो रहे/हो चुके नॉमिनी के खाते में भेज दिया तो उचित साक्ष्य प्रस्तुत करने पर नॉमिनी द्वारा वो धनराशि सीधे उस सदस्य के खाते में वापस करना पड़ेगा। गलती से भेजी हुई धनराशि को वापस कराने की गारंटी टीम नहीं लेगी किन्तु वापस करवाने हेतु सार्थक और पूर्ण प्रयास करेगी।

10

यदि किसी सदस्य द्वारा सदस्य बनने के बाद सहयोग नहीं किया गया या कुछ महीने/वर्ष सहयोग करने के बाद 1 या 1 से अधिक सहयोग छोड़ दिया, परिणामस्वरूप 90% सहयोग के दायरे में भी नहीं आता है या अवैधानिक हो जाता है, ऐसी स्थिति में लगातार 12 माह सहयोग करके और 12 माह का समय पूरा करके पुनः वैधानिक सदस्यता प्राप्त कर सकता है।

11

सदस्य द्वारा आत्महत्या की स्थिति में कोई आर्थिक सहयोग हेतु अपील नहीं की जाएगी। आत्महत्या के अलावा सभी तरह के मृत्यु पर आर्थिक सहयोग की अपील की जाएगी।

12

यदि सदस्य द्वारा बनाए गए नॉमिनी ने ही खुद सदस्य की हत्या की है तो ऐसे नॉमिनी को आर्थिक मदद नहीं किया जाएगा। ऐसी परिस्थिति में आवश्यकता पड़ने पर अपने विवेक से संस्थापक मंडल दिवंगत सदस्य के यथोचित नॉमिनी का चयन करने के लिए स्वतंत्र होंगे।

13

APNE दिवंगत सदस्य के नॉमिनी के खाते में आर्थिक सहयोग करवाती है इसलिए सहयोग प्राप्त करने हेतु किसी भी प्रकार की न्यायिक चुनौती देने का अधिकार किसी व्यक्ति या सदस्य के पास नहीं होगा।

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कोई भी सदस्य APNE के खिलाफ दुष्प्रचार या अफवाह फैलाता है, बिना साक्ष्य या आंकड़े प्रस्तुत किए आरोप लगाता है तो टीम उसकी सदस्यता रद्द करने व विधिक कार्रवाई हेतु स्वतंत्र होगी।

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APNE के किसी पदाधिकारी के साथ कोई सदस्य अभद्र व्यवहार करते हुए या APNE विरोधी गतिविधि में लिप्त पाया गया तो पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उक्त सदस्य की सदस्यता रद्द कर दी जाएगी।

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ट्रस्ट को दिए गए वार्षिक 50 रुपए दान से निम्नलिखित कार्यों में खर्च किया जाएगा:

A. वेबसाइट के निर्माण और संचालन में
B. ऐप बनवाने और संचालन में
C. जिला और प्रदेश कार्यालय खर्च हेतु
D. जिला और प्रदेश हेल्पलाइन नंबर पर नियुक्त स्टाफ को मानदेय देने में
E. दिवंगत सदस्य के घर स्थलीय सत्यापन में
F. प्रचार-प्रसार प्रिंट सामग्री और सदस्यता अभियान में
G. समय-समय पर नई तकनीकी लाने में ताकि प्रक्रिया पारदर्शी के साथ-साथ आसान बन सके
H. जरूरतमंद व्यक्तियों/छात्रों के हित में विभिन्न प्रकार का सहयोग करने में
I. ब्लॉक/जिला/प्रदेश में आयोजित APNE कार्यशाला में
J. जरूरतमंद को कम्बल वितरण
K. प्राकृतिक आपदा में पीड़ितों को मदद
L. प्रदेश कार्यालय भवन का मासिक किराया भुगतान में
M. अनाथ बच्चों (6 से 14 वर्ष) के शिक्षण शुल्क भुगतान में
N. अंतिम संस्कार के लिए अनुदान भुगतान
“किसी भी निर्णय की स्थिति में वेबसाइट पर अपलोड नियमावली की प्रति ही मान्य होगी।”

सौभाग्यवती कन्या शगुन योजना

1

सौभाग्यवती कन्या शगुन योजना के लिए लॉक-इन पीरियड (lock in period) 08 माह निर्धारित है.

2

सौभाग्यवती कन्या शगुन योजना में पात्रता के लिए लॉक-इन पीरियड सिर्फ सदस्य का पूरा होना अनिवार्य है। सदस्य के बेटी का लॉक-इन पीरियड पूरा होना अनिवार्य नहीं है।

3

सदस्य द्वारा सदस्यता तिथि से बेटी की विवाह तिथि तक इस योजना में 90% अवसरों पर सहयोग करना अनिवार्य है। यदि सदस्य द्वारा सौभाग्यवती कन्या शगुन योजना में 90% अवसरों पर सहयोग नहीं किया गया है तो आवेदन हेतु पात्र नहीं होगा।

4

इस योजना में पात्रता हेतु दिवंगत सदस्य के परिवार को सहयोग मामले में भी वैधानिक होना अनिवार्य है। APNE का वैधानिक सदस्य ही सौभाग्यवती कन्या शगुन योजना में पात्र है। जो सदस्य नियमानुसार दिवंगत सदस्य के नॉमिनी को सहयोग नहीं किया है वह सदस्य सौभाग्यवती कन्या शगुन योजना में पात्र नहीं है।

5

सौभाग्यवती कन्या शगुन योजना में लाभार्थी सदस्य द्वारा लाभ के बाद न्यूनतम 10 वर्ष तक सौभाग्यवती कन्या शगुन योजना के 90% अवसरों पर आर्थिक सहयोग करना अनिवार्य है। यदि लाभार्थी सौभाग्यवती कन्या शगुन योजना में आगामी 10 वर्ष तक 90% अवसरों पर सहयोग नहीं किया तो समस्त आर्थिक सहयोग योजना में आर्थिक मदद हेतु स्वतः अवैधानिक हो जाएगा। यदि सौभाग्यवती कन्या शगुन योजना में लाभ प्राप्त करने के बाद लाभार्थी इस योजना में आगामी 10 वर्ष तक 90% अवसरों पर सहयोग नहीं किया तो उक्त लाभार्थी APNE के समस्त आर्थिक लाभ योजना में स्वतः अपात्र हो जाएगा।

6

सदस्य के अधिकतम 2 जैविक पुत्रियां ही सौभाग्यवती कन्या शगुन योजना में आर्थिक मदद हेतु पात्र हैं।

नियम (A)

यदि भाई अपने बहन की शादी में लाभार्थी है तो उक्त भाई अधिकतम 2 जैविक बहन या 2 जैविक बेटी या 1 जैविक बहन और 1 जैविक बेटी के विवाह में सहयोग प्राप्त करने हेतु पात्र है।

7

सदस्य के स्वयं के विवाह पर सौभाग्यवती कन्या शगुन योजना लागू नहीं है।

नियम (A)

यदि बेटी की जैविक माता-पिता दोनों जीवित नहीं हैं और बेटी की कोई जैविक भाई भी नहीं है तो बेटी स्वयं के विवाह पर सौभाग्यवती कन्या शगुन योजना में सहयोग प्राप्त कर सकती है। बेटी (न्यूनतम उम्र 18 वर्ष) को सदस्य बनकर 2 वर्ष का लॉक-इन पीरियड पूरा करना है। बेटी को सदस्य के रूप में सदस्यता तिथि से विवाह तिथि तक लगातार "सौभाग्यवती कन्या शगुन योजना" व "सदस्य आश्रित योजना" दोनों में अलग-अलग न्यूनतम 90% अवसरों पर सहयोग करना है। यह नियम दिनांक 01/01/2026 से लागू है।

नियम (B)

यदि बेटी की जैविक माता-पिता दोनों 60 वर्ष उम्र से अधिक (Over Age) हैं, बेटी की कोई जैविक भाई नहीं है तो बेटी स्वयं के विवाह पर "सौभाग्यवती कन्या शगुन योजना" में सहयोग प्राप्त कर सकती है। बेटी (न्यूनतम उम्र 18 वर्ष) को सदस्य बनकर निर्धारित लॉक-इन पीरियड पूरा करना है। बेटी को सदस्य के रूप में सदस्यता तिथि से विवाह तिथि तक लगातार "सौभाग्यवती कन्या शगुन योजना" व "सदस्य आश्रित योजना" दोनों में अलग-अलग न्यूनतम 90% अवसरों पर सहयोग करना अनिवार्य है। यह नियम दिनांक 21/05/2026 से लागू है।

8

यदि पति पत्नी दोनों सदस्य हैं तो पति पत्नी में से कोई एक ही इस योजना में लाभ के पात्र हैं। अर्थात पति पत्नी दोनों में से कोई एक ही "सौभाग्यवती कन्या शगुन योजना" में लाभ हेतु आवेदन कर सकेगा।

9

सौभाग्यवती कन्या शगुन योजना में आवेदन हेतु सदस्य के जिस बेटी की विवाह के लिए मदद होना है वह बेटी भी APNE का सदस्य जरूर होना चाहिए। ऐसा इसलिए कि कोई सदस्य अपनी बेटी का विवाह 18 वर्ष उम्र से पूर्व न करे ताकि बाल विवाह पर भी रोक लगे।

नियम (A)

21 मार्च 2025 से सदस्यता लेते समय यदि सदस्य की बिटिया 18 वर्ष उम्र पूरा कर चुकी है तो बिटिया का सदस्य बनना और "सौभाग्यवती कन्या शगुन योजना" में 90% अवसरों पर सहयोग करना अनिवार्य किया जा रहा है। सदस्यता लेते समय यदि सदस्य की बिटिया की उम्र 18 वर्ष नहीं पूरा है तो जैसे ही बेटी 18 वर्ष पूरा करती है तो बिटिया का सदस्य बनना और "सौभाग्यवती कन्या शगुन योजना" में 90% अवसरों पर सहयोग करना अनिवार्य किया जा रहा है।

नियम (B)

21 मार्च 2025 से सदस्यता लेने वाले सदस्यों के लिए नियमानुसार यदि सदस्यता लेते समय सदस्य की बेटी 18 वर्ष उम्र पूरा नहीं की है तो बेटी की उम्र 18 वर्ष पूरा होते ही सदस्य बनना है और "सौभाग्यवती कन्या शगुन योजना" व "सदस्य आश्रित योजना" में अलग-अलग न्यूनतम 90% अवसरों पर सहयोग भी करना है, किन्तु यदि किसी कारण से बेटी 18 वर्ष उम्र पूरा होते ही सदस्य नहीं बन पाई तो बेटी को 18 वर्ष उम्र पूरा होने के अगले 6 माह बाद तक अनिवार्य रूप से सदस्य बन जाना है और सहयोग शुरू कर देना है। यदि सदस्यता लेते समय सदस्य की बेटी की उम्र 18 वर्ष या 18 वर्ष से अधिक की है तो नियमानुसार सदस्य के साथ ही बेटी को भी सदस्य बनना और "सौभाग्यवती कन्या शगुन योजना" व "सदस्य आश्रित योजना" में अलग-अलग न्यूनतम 90% अवसरों पर सहयोग करना अनिवार्य है, किंतु यदि किसी कारण से सदस्य के साथ बेटी उसी दिन सदस्य नहीं बन पाई तो बेटी को अगले 6 माह बाद तक अनिवार्य रूप से सदस्य बन जाना है और सहयोग शुरू कर देना है। अर्थात बेटी को सदस्य बनने और सहयोग शुरू करने के लिए 6 माह का ग्रेस पीरियड (अतिरिक्त समय) दिया जा रहा है। यह नियम 21 मार्च 2025 से लागू किया जा रहा है।

10

सौभाग्यवती कन्या शगुन योजना में प्रति सदस्य प्रति बेटी विवाह में अधिकतम 11 रुपए तक का आर्थिक सहयोग निर्धारित है। परिस्थिति अनुसार यह निर्धारित धनराशि घटाया बढ़ाया जाएगा।

11

APNE का जो सदस्य सौभाग्यवती कन्या शगुन योजना में आर्थिक मदद नहीं करता है उसकी आकस्मिक निधन पर आर्थिक सहयोग योजना वैधानिकता प्रभावित नहीं होगी। सदस्य आश्रित योजना के तहत वैधानिकता के लिए दिवंगत सदस्य के परिवार को नियमानुसार आर्थिक मदद करना अनिवार्य है।

12

APNE सीधे लाभार्थी के खाते में सहयोग करवाती है इसलिए सहयोग प्राप्त करने हेतु किसी भी प्रकार की न्यायिक या कानूनी चुनौती देने का अधिकार किसी व्यक्ति या सदस्य के पास नहीं है। सौभाग्यवती कन्या शगुन योजना में सहयोग प्राप्त करना सिर्फ नैतिक अधिकार है, कानूनी अधिकार नहीं है।

13

"सौभाग्यवती कन्या शगुन योजना" में विवाह तिथि से 30 दिन पूर्व आवेदन करना अनिवार्य है। ऐसा इसलिए कि स्थलीय सत्यापन और आर्थिक सहयोग कराने के लिए कम से कम 30 दिन का समय चाहिए।

14

यदि बेटी की माता-पिता दोनों जीवित नहीं हैं तो बेटी की जैविक भाई (न्यूनतम उम्र 18 वर्ष) खुद APNE में रजिस्ट्रेशन करेगा और निर्धारित लॉक-इन पीरियड पूरा करके सदस्यता तिथि से विवाह तिथि तक "सौभाग्यवती कन्या शगुन योजना" में 90% अवसरों पर सहयोग करके अपनी बहन की विवाह में सहयोग प्राप्त करने हेतु पात्र होगा। उक्त अनाथ बेटी की उम्र यदि 18 वर्ष पूरा नहीं है तो 18 वर्ष पूरा होते ही सदस्य बनना और "सौभाग्यवती कन्या शगुन योजना" में 90% अवसरों पर सहयोग करना दोनों अनिवार्य रहेगा। विवाह में सहयोग हेतु आवेदन के समय जैविक भाई-बहन होने का प्रमाण एवं माता-पिता दोनों के मृत्यु का प्रमाण देना होगा। यह नियम दिनांक 26/06/2025 से लागू है।

15

यदि बेटी की माता-पिता दोनों 60 वर्ष उम्र से अधिक (Over Age) हैं तो बेटी की जैविक भाई (न्यूनतम उम्र 18 वर्ष) खुद APNE में सदस्य बनकर और निर्धारित लॉक-इन पीरियड पूरा करके सदस्यता तिथि से विवाह तिथि तक "सौभाग्यवती कन्या शगुन योजना" एवं "सदस्य आश्रित योजना" में अलग-अलग न्यूनतम 90% अवसरों पर सहयोग करके अपनी बहन की विवाह में सहयोग प्राप्त करने हेतु पात्र होगा। उक्त बेटी के लिए सदस्य बनने और सहयोग करने हेतु नियम नियमावली की क्रम संख्या 9 (B) लागू है। विवाह में सहयोग प्राप्त करने हेतु आवेदन के समय जैविक भाई-बहन होने का प्रमाण देना होगा। यह नियम दिनांक 01/01/2026 से लागू है।

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माता या पिता अपनी बेटी की शादी में सहयोग प्राप्त करने के उद्देश्य से सदस्य बनकर नियमानुसार लगातार सहयोग कर रहे हैं। यदि सदस्य (पिता) की मृत्यु बेटी की शादी से पहले हो जाती है तो मृत्यु उपरांत माता सदस्य बनेगी, इस परिस्थिति में लॉक-इन पीरियड सदस्य (पिता) के सदस्यता तिथि से जोड़ा जाएगा। इसी प्रकार सदस्य (माता) की मृत्यु होने पर पिता सदस्य बनेंगे, इस परिस्थिति में लॉक-इन पीरियड सदस्य (माता) की सदस्यता तिथि से जोड़ा जाएगा। यदि "सदस्य आश्रित योजना" की लॉक-इन पीरियड पूरा करने के बाद सदस्य (माता या पिता) की मृत्यु होती है तो इस परिस्थिति में नियमावली क्रम संख्या 16 लागू नहीं होगा।

“किसी भी निर्णय की स्थिति में वेबसाइट पर अपलोड नियमावली की प्रति ही मान्य होगी।”

स्वास्थ्य कल्याण योजना (भावी योजना)

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भविष्य में APNE के वैधानिक सदस्यों के लिए मार्ग दुर्घटना व गंभीर बीमारी के इलाज हेतु योजना और नियम बनाया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु योजना बनाई जाएगी जो विचाराधीन है। जल्द ही इस योजना की घोषणा के साथ नियमावली पृथक से लागू की जाएगी।